
पीलीभीत – अहर्निसि सेवा को जाने जाना वाला विख्यात भारतीय दूर संचार निगम लि0 अधिकारियों की उपेक्षा के परिणाम स्वरूप अब अपनी ही दुर्दशा पर ऑंसू बहा रहा है। दूरभाष सुविधाओं के लिए टावर्स तो हैं पर निगरानी करने वाले कर्मचारी / अधिकारी नहीं। सरकार और अधिकारियों की उदासीनता से बिजली की उपलब्धता पर ही नेटवर्क मिल पाता है। चार्जिंग के लिए बैटरियाँ और कर्मचारियों का पूरी तरह अभाव है। बड़े बड़े वेतनभोगी अधिकारी निठल्ले बैठे कुर्सियाँ तोड़ते रहते हैं। और जब बैठे बैठे थक जाते हैं तो कार्यालय कक्ष में पड़े सोफ़ाओं पर विश्राम फरमाने लगते हैं। कब जागेंगे BSNL के उदासीन अधिकारी ?

